shayari


सुनो कोई बात हो तो कहा करो 
मगर यूँ गुमसुम ना रहा करो 
छिपना-छिपाना अच्छा नहीं लगता 
तुम मेरी नजरो के सामने रहा करो। 


मेने आज रेल की पटरीयों को रोते देखा है

सब सरकारों को गहरी नींदो मे सोते देखा है



Comments

Popular Posts