fool ko khilna
जवानी में
यूँ कलियों का
किसी धुप से मिलना
न रोको तुम
जरुरी है
उस फूल को खिलना
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महज एक रात बीती है
महज एक दिन गुजरेगा
चलो एक काम करते हैं
चुपके से शाम को मिलना।
महज एक रात बीती है
महज एक दिन गुजरेगा
फिर भी याद आये तो
चुपके से शाम में मिलना।
महज एक रात बीती है
महज एक दिन गुजरेगा
मैं जीना भूल जाऊंगा
अगर कोई यार रूठेगा
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ऐ यार मेरे ये आँसू है
बड़े चाव से पीना
घाव मिले जो प्यार में
तुम प्यार से सीना।
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