ham phir se yun muskurane lage hain

हम फिर से यूँ मुस्कुराने लगे हैं 
जख्म को लहू पिलाने लगे हैं। 

किस्सा पुराना है, पुराना है काफी 
मारू को ढोला याद आने लगे हैं। 

फूल और भौंरे, दोनों के दोनों 
दिल वो दिल से चुराने लगे हैं। 

धीरे ही सही मगर हाथों से अपने 
मेरे गालों को वो सहलाने लगे हैं। 

इतने करीब वो आने लगे हैं 
फिर से ख्वाब सताने लगे हैं। 

टूटा था दिल वो टूटा था कैसे 
हँसकर यारों को बताने लगे हैं। 

पायल की रुनझुन जब से सुनी है 
'मुदित' भी तब से गाने लगे हैं। 

पानी लाना ये नया है बहाना 
कुएँ पे मिलने हम जाने लगे हैं। 

राज़ दिल के अब छुपाने लगे हैं 
'मुदित' को मुहब्बत में ज़माने लगे हैं। 




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