इतनी किताबों में कोई ढंग की कहानी तो होगी
राजा के दिल में है जो वही उसकी रानी भी होगी।
इतना चमकता रहता है उसका चेहरा
कितनी निगाहों का नूर वो चुराती होगी।
कहीं ऐसा तो नहीं की उसको वो खत ही नहीं मिला
मोहब्बत उसकी नींदो में भी ख्वाब दिखाती होगी।
उसको देखने जो आते हैं वो पूछते तो होंगे
और वो झूठा ही सही शरमाती होगी।
मोहब्बत ज़िंदगानी में बस आती ही होगी
नींदे चुराती होगी, मुझे सताती होगी।
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मेरी मोहबत कल मुझसे मिलने क्यों नहीं आयी
बस तुम इंतज़ार किया करो तुम्ही छोर कर आयी।
यूँ देखा उसने मुझे जैसे कभी नहीं देखा
देखो देखो हाय वो क़ातिल कैसे शरमायी।
रहा उससे भी नही जाता, रहा मुझसे भी नहीं जाता
जिस दिन में न मिलने गया वो मिरे घर चली आयी।
मोहब्बत और अक्ल का कोई तो रिश्ता होगा 'मुदित'
दिल में जब वो आई, दिमाग में भी वही आयी।
सरकारों की क्या गलती जो तुम्हारा ये हाल है 'मुदित'
आज तक वो तो कभी भी कुछ करने नहीं आयी।
किनारों का तो क्या ही वजूद रहा होगा
समंदर की लहरें जब गाँवों तक चली आयी।
मुझे प्यार करना इतना आसान तो न था
जिद थी तुम्हारी जो इम्तिहान पास कर आयी।
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