mudit sand for insta by date
दिल जो चाहता है वो बातें करेंगे
मोहब्बत में हैं पागल हम पागल रहेंगे।
---
मेरी बाहों में आके वो सोने लगी है
निगाहों से निगाहों में वो खोने लगी है।
इधर से उधर हम तो बिखरे पड़े थे
प्यार के धागे में वो हमें पिरोने लगी है।
ज़िंदगी से मुझको जो सूनापन मिला था
चुराकर उसे अब वो मेरी होने लगी है।
जिस्मों के मिलन की जो ख्वाहिश थी कभी से
ख्वाबों में ही सही अब वो पूरी होने लगी है।
बिजली के जाने से जो हुवा था अँधेरा
बिजली चमकने पर भी वो रोने लगी है।
----
हाथों से हाथ फिसलने लगे हैं
नजरों से हमारे वो गिरने लगे हैं।
२८/७
-------------
मोहब्बत में यारों बहुत मुश्किलें है
तितली उड़े है और पर भी कटे हैं।
मोहब्बत में यारों बहुत मुश्किलें है
कुछ दिल मिले हैं कुछ दिल जले हैं।
मोहब्बत में यारों कुछ मिला भी नहीं है
बुरा लगता था पहले अब गिला भी नहीं है।
२९/७
Comments
Post a Comment