gunahone par siyasat ka pahra dekha hai

दोपहर में घना गहरा अँधेरा देखा है
गुनाहों पर सियासत का पहरा देखा है। 
क्या बतलायें हमने क्या क्या नहीं देखा 
मसला यह है चुप हैं के बावजूद देखा है। 

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