ye nanhe nanhe pyare pyare
ये नन्हे नन्हे प्यारे प्यारे
झूम सड़क पे जाते हैं
क्या उतना खाना मिलता हे
जितनी गाली ये खाते हैं।
भोला बचपन तन्हा तन्हा
फिर भी दिल से गाते हैं
ये चाहते है कहना वो सब
जो हम समझ न पातें हैं।
मायूस अधर है सूखे सूखे
जबरन रास रचाते हैं
नयन नीर हे इनका गहना
अश्रु से प्यास बुझाते हैं।
छोटा पेट हे पर खाली खाली
भूखे अक्सर सो जातें हैं
जीवन इनका श्राप जो ठहरा
मृत्यु का जश्न मनाते हैं।
-Mudit sand
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