sahan kar lete hain aksar by mudit sand
सहन कर लेते हैं अक्सर अक्सर सहा नही जाता
आदत ख़राब है शायद, शायद कहा नही जाता
खैर चमक उठती हैं आँखें उनके करीब होने से
खैर साथ आग-पानी से कभी रहा नहीं जाता।
कशमकश में है ये दिल, दिल से सहा नही जाता
बहुत प्यार करते हैं उनसे, उनसे ही कहा नहीं जाता
आँख से निकल रहे हो आँसू तो यार समझ लेना
आँख में तिनका तो देखो, बार बार नही जाता।
-Mudit sand
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