कितनी आसानी से वो मुझको मार देती है
मुस्कुराती है पहले फिर पुकार लेती है।
गरीबी दर्द देती है इतना की आँसू पौंछ लेने को
कोई रखती है गिरवी तो कोई पायल उतार देती है।
-मुदित
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