udti huyi paankhon ko tham lo panchi
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी
घना अँधियारा है आगे
घना अँधियारा है आगे
और रात लम्बी है
मेरी बातों को मान लो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
माँ की आँख के मोती
माँ को याद करते हैं,
हमारे भी तो बच्चे हैं
जो सहमे सहमे सोते हैं
उनके अधरों को मुस्कान दो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
सड़क पर घूमते प्रहरी
वो तुमसे प्यार करते हैं
तुम्हारी रक्षा के खातिर तुम्ही पे वार करते हैं
मजबूर न करो उनको,
उनकी लाठियों को आराम दो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
मत पत्थर दो, न हार दो
तुम साथ और विश्वास दो
जो अक्सर भूखे सोते हैं
उनके उदर को आस दो
महज एक रात का मसला हैं पिंजरे में काट लो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
घना अँधियारा है आगे
घना अँधियारा है आगे
और रात लम्बी है
मेरी बातों को मान लो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
माँ की आँख के मोती
माँ को याद करते हैं,
हमारे भी तो बच्चे हैं
जो सहमे सहमे सोते हैं
उनके अधरों को मुस्कान दो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
सड़क पर घूमते प्रहरी
वो तुमसे प्यार करते हैं
तुम्हारी रक्षा के खातिर तुम्ही पे वार करते हैं
मजबूर न करो उनको,
उनकी लाठियों को आराम दो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
मत पत्थर दो, न हार दो
तुम साथ और विश्वास दो
जो अक्सर भूखे सोते हैं
उनके उदर को आस दो
महज एक रात का मसला हैं पिंजरे में काट लो पंछी
उड़ती हुयी पाँखों को थाम लो पंछी।
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