itna aage chalne wale peeche mudkar dekho na by mudit sand
इतना आगे चलने वालों
पीछे मुड़कर देखो ना।
चेहरे पे मुस्कान मिलेगी
पेड़ के नीचे छाँव मिलेगी
याद नहीं है, वही पेड़ है
पत्थर खाकर आम दिए थे।
इतना आगे चलने वालों
पीछे मुड़कर देखो ना।
पनघट पे कोई खास मिलेगी
मन को भी इक आस मिलेगी
प्यार यही है, झूठ नहीं है
गाकर उसको जता दिया था।
इतना आगे चलने वालों
पीछे मुड़कर देखो ना।
मीठी मीठी मनुहार मिलेगी
घी सनी रोटी चार मिलेगी
भूख नहीं है, पेट भरा है
सुनकर माँ ने डाँट दिया था।
इतना आगे चलने वालों
पीछे मुड़कर देखो ना।
बचपन की इक याद मिलेगी
बक्से में सौगात मिलेगी
पानी गिरा है, नाव नहीं है
कहकर जिसको छिपा दिया था।
इतना आगे चलने वालों
पीछे मुड़कर देखो ना।
-by mudit sand
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