अपने हाथ की रेखा पे तेरा ख्वाब देखता हूँ
नींदों में सही मगर तुमको साथ देखता हूँ
कागज उस पर स्याही और फिर आँसू
सब कुछ भीगा हुवा मिलता है
जब खुद को बरबाद देखता हूँ।
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