khud hi khud ka tod ke ham dil baithe hain

खुद ही खुद का तोड़ के हम दिल बैठे हैं 

उनकी नजरों से दूर हम एक मील बैठे हैं 

आज शाम को तो मिलना था हमें  और   

हम हैं कि जाके तन्हाई से मिल बैठे हैं।  

Comments

Popular Posts