dil dhadakna kya hota he
जब से आया पास तुम्हारे
तब से ही तो पता चला हे
नींदें उड़ना क्या होता हे
दिल धड़कना क्या होता हे।
लब से अब जब लब मिले हैं
तब से ही तो पता चला हे
अमी पिलाना क्या होता हे
रब को पाना क्या होता है।
शब में जब शबाब घुली हे
तब से ही तो पता चला हे
नजरें चुराना क्या होता हे
प्यार जताना क्या होता है।
जब अंदर का शायर बोले
तब से ही तो पता चला हे
दिल से गाना क्या होता है
दिल लगाना क्या होता है।
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