dosti pe gumaan

इस दोस्ती पे गुमान हे
सूरज के समान हे
अब वो रात आई हे
संग आंसू लायी हे
छीप गया मेरी नजरो से
और कहीं दूर गया होगा
वहां भी उजाला करने
आँखों में सपने भरने
सपनो को पूरा करने
मुझे भी भरोसा हे की
तुम फिर से आओगे
मेरे पास मेरे घर में
एक नया सवेरा बनके
नयी रौशनी लाओगे। 

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