बहुत झूठ बोल दिया तूने अपनी जुबान से
मगर ये जो निगाहें हे ना की सब सच बताती जा रही हे
कितने किस्से अब और छुपा पाओगे तुम मुझसे
तेरा हाल तो तेरी शक्ल ही दिखाती जा रही हे
भरोसा मत करना उस शक्श पर इत्तला किया था
अब वो ही भरोसा इन आँखों को रुलाती जा रही हे
दिल से उनके दिल लगा तो लिया था तुमने
अब उनकी यादें हे जो की सताती जा रही हे
इंकार नहीं कर पाए थे उस दिन जब पूछा था
अब बस वो ही एक मंजूरी फसाती जा रही हे
मैंने तो सही राह ही दिखाई थी मगर
ये दुनिया मुझे ही गलत बताती जा रही हे
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