रात अँधेरी नींद परायी दिल का कैसा हाल हे
तेरी आँखें तेरा चेहरा तेरा सब कुछ याद हे।
बादल गरजे बादल बरसे भीगी अंखिया लाल हे
संग तेरे बारिश में बीता लम्हा लम्हा याद हे।
पास पानी फिर प्यास लगी हे मेरा ये खयाल हे
जिन बूंदो ने होंठ भिगोये कतरा कतरा याद हे।
आँखें बंद कर जग रहा हूँ तेरा स्मृतिकाल हे
जिन पत्रों से हवन किये थे अक्षर अक्षर याद हे।
चाँद चांदनी और सितारे फिर भी एक मलाल हे
अमावस्या के चाँद तेरी कांति किरणे याद हे।
स्वप्न नहीं अब याद के मेले कैसा ये भूचाल हे
जिन नैनो ने ख्वाब सुनाये सपना सपना याद हे।
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