hansna hansaana
हंसना चहकना छिपना छिपाना बतियाना शर्माना
बहकाना नजरे चुराना,क्या किसको क्यों समझाना।
बहकाना नजरे चुराना,क्या किसको क्यों समझाना।
सब जगह ऊपरवाला सब पे निगाह रखे हैं
किससे राज रखुं मे मुझे सब में रब दिखे है
छुरे घोंपने वाले सुन ले , क्यूँ पीछे से वार करे हे
सपने तेरे लिये खड़ा हूँ , तू खुद का नुकसान करे हे।
छुरे घोंपने वाले सुन ले , क्यूँ पीछे से वार करे हे
सपने तेरे लिये खड़ा हूँ , तू खुद का नुकसान करे हे।
उड़ कर गया जो परिंदा
उड़ कर लौट आया है |
पता तुम्हें है इस पत्ते का
फिर लौट क्यों नहीं आते ||
इश्क़ करने वाले देखो खुद ही खुद का काम करे है
नफरत फैलाने वाले सुन ले क्यों सियासी सांग करे है ||
हरकतें कर रहे हो जाने कब बाज आओगे
तमाचा जड़ दिया जो नहीं संभल पाओगे
तुम भोंकते रहे क्योंकि मे खामोश रहा हूं
दहाड़ने लगा जो में क्या खड़े रह जाओगे ||
अनल अचला अनन्त अम्बु अनिल और बोलो क्या नहीं है
है तो सब ये खुद के भीतर बस उस खुद को पता नहीं है
नजरों ने ऐसा जाम चखा है
अमावस है मुझे चांद दिखा है
इक दुख बोला दुजे दुख से देखो में तुमसे कम हूं ना
कलयुग के इस भीषण दौर में सच बोलो में ही सुख हूं ना
तुम बस अपना हाल बताओ
तुम्हें क्या मालूम पीड़ा क्या है
जिन आंखों से प्रश्न किये है
उन आँखों ने सब कुछ देखा
उनसे पुछो पीड़ा क्या है ||
अरे यार ठहरो उनको अपनी असलियत बतलाने दो
तुम कुछ न करो उन्हें खुद अपना रंग दिखलाने दो |
फिर नई तारीख़ फिर वही मुकदमा
फिर नई उम्मीद फिर वही अन्जाम |
पंछी ख़्वाब में बहुत दुर निकल जायेंगे
नये साल में कुछ नये रंग घोले जायेंगे
सात दिवस संग रहने वाले
सात वचन क्या दे पायेंगें
सात फैरो से बचने वाले
सात जनम क्या रह जायेंगे
तेरी हर एक साजिश का हिस्सा था
दुश्मन सही मगर अनूठा किस्सा था
इश्क़ झूठा होगा मगर था तो सही कहने को
अब क्या कुछ भी नहीं एक दिल तक नहीं मिलेगा रहने को
कईं राज
इक जगह पर
उस वक्त पे
बतलाये नही जाते।
तेरे ही दिये हुए नगमे
तेरे ही सामने गाये नही जाते ।।
Mudit Sand
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