अपने ही साये में मुझे, बेवफा अक्स नजर आतें हैं
याद भी नहीं है अब, वो सारे शख्स नजर आते हैं।
कतरा जब भूल जाये अपना रिश्ता-नाता पानी से
वो मोती फुट जाते हैं जो मुकम्मल नजर आते हैं।
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