मेरे तन्हा रहने की वजह पूछते हैं जो लोग वो सुने 

मुझसे अब पायल की खनक नहीं सही जाती 


सोचते हैं सब की भुला देंगे 

वो जन्नत में है या जहनुम में क्या मालूम, मगर 

ये कम्बख्त यादें वहीँ क्यों नही जाती  


बाल नाक कान गाल वो मुखड़ा वो नजरें सब तो याद हैं 

उसके बदन की खुश्बू मुझमे अब तक आजाद हैं 

जिसको भूल जाना था कभी का 

आज वो मेरी तन्हाई का राज है 

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