Ro rhi ho
रो रही हे आज क्यों बता दो ना मुझे
खता हुवी हे तो सजा दो ना मुझे।
नहीं बतानी हे सारी बात कोई नही
ये तो नही चाहा ना की दगा दो मुझे।
कहा था ना की सामना पूरी दुनिया का कर लेंगे
एक बार अपने अपनों से मिलवा तो दो मुझे।
आज क्यों डर रही हो उन्ही अपने ही अपनों से
क्यों ना वही पुराना प्यार जता दो ना मुझे।
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